आज के युग में मधुमेह बात आम हो गयी है। पहले मधुमेह शब्द कभी कभार ही सुनने को मिलता था। पहले मधुमेह बुजुर्ग में होना सुनने को मिलता था , परन्तु आजकल यह बीमारी युवाओ में भी सुनने को मिला है। खान-पान में गड़बड़ी लाइफस्टाइल में बदलाव , स्ट्रेस आदि के कारण यह आम हो गया है।
मधुमेह के बारे में बात करते समय आप इस विचार से भयभीत हो सकते हैं , कि आपको यह हो सकता है, या नही हो सकता। भविष्य में आपको भी हो सकता है। आप जानना चाहते हैं , कि क्या आपको मधुमेह होने का खतरा है ?और आप उत्सुकता से यह पता लगाना चाहते हैं , कि क्या आपको मधुमेह के कोई लक्षण हैं?
मधुमेह उस तरीके को प्रभावित करता है , जिससे शरीर कार्बोहाइड्रेट, वसा और प्रोटीन को संभालता है। यदि उपेक्षा की जाती है, तो मधुमेह में गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। मधुमेह के लोगों में उच्च रक्त शर्करा का स्तर होता है। रक्त शर्करा का स्तर इंसुलिन द्वारा नियंत्रित होता है - अग्न्याशय द्वारा निर्मित एक हार्मोन, जो आपके खाने की आदतों पर निर्भर करता है।
मधुमेह क्या है?
मधुमेह एक गंभीर बीमारी है। लेकिन चौंकाने वाला सच यह है कि मधुमेह प्रतिवर्ती है यानि इसको पलट सकते है। । मधुमेह क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) का नंबर एक कारण है। यह रोग एक ऐसी स्थिति है जहां शरीर रक्त शर्करा के स्तर को स्वचालित रूप से नियंत्रित करने में असमर्थ होता है, जिसके परिणामस्वरूप रक्त में बहुत अधिक ग्लूकोज (एक शर्करा) होता है। मधुमेह एक पुरानी बीमारी है जो लगभग 16 मिलियन अमेरिकियों को प्रभावित करती है।
भारत में पिछले वर्ष के आकड़ो के अनुसार 7.2 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित है । इसमें 3.6 करोड़ से ज्यादा लोगो को मधुमेह का पता ही नही चलता विश्व में मधुमेह से पीड़ित हर पाचवां व्यक्ति भारतीय है । 90 . 95 % रोगी टाइप 2 से पीड़ित है।
मधुमेह के कारण
मधुमेह दो अलग-अलग प्रकार के होते हैं।
टाइप 1 :-टाइप एक का मतलब अनुवांशिक तौर पर होती है। किसी के परिवार में मम्मी- पापा , दादा- दादी में से किसी को भी हुआ हो तो ऐसे में इस बीमारी की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। मधुमेह (गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह या वयस्क शुरुआत मधुमेह): यह मधुमेह शरीर के ऊतकों के इंसुलिन के लिए प्रतिरोधी बनने का परिणाम है। यह आमतौर पर वंशानुगत होता है।
टाइप 2 :-टाइप दो में गलत खान- पान गलत लाइफस्टाइल के करण यह बीमारी की आशंका बढ़ जाती है। इसमें अधिक फैट , हाई बीपी , समय पर न सोना , सुबह देर तक सोना , बहुत अधिक नशा करना ,और निष्क्रिय जीवन शैली की बजह से भी होती है, इसमें इन्सुलिन कम बनता है। और गुलुकोज की मात्रा रक्त में बढ़ने लगती है। मधुमेह (किशोर मधुमेह या इंसुलिन पर निर्भर मधुमेह): टाइप 2 मधुमेह का कारण अग्न्याशय द्वारा इंसुलिन का उत्पादन करने में असमर्थता है।
मधुमेह के लक्षण:-
दरअसल, मधुमेह का कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता है। मधुमेह के सबसे आम लक्षण इस प्रकार हैं:
- हर समय प्यासा रहना
- लगातार पेशाब आना
- भूख में वृद्धि
- हर समय थकान महसूस करना; अत्यधिक थकान होना,
दूसरी ओर, मधुमेह के कुछ अन्य लक्षण हैं जो वास्तव में मधुमेह की जटिलताओं के रूप में निर्धारित हैं।ये मधुमेह के लक्षण हैं:
- दृष्टि परिवर्तन;
- बार-बार होने वाले त्वचा के संक्रमण को ठीक करना बहुत मुश्किल होता है;
- झुनझुनी या सुन्नता आप अपने हाथ-पांव में महसूस कर सकते हैं;
- मसूड़ों के विकार;
- बालों का झड़ना और कई अन्य मधुमेह के लक्षण है ।
शरीर जब इन्सुलिन नाम का हार्मोन बनता है , तो गुलुकोज या शुगर हमारे शरीर में एक जगह से दूसरी जगह नही जाता , बल्कि उर्जा के रूप में जमा हो जाता है , और फिर इसकी मात्रा बढ़ जाती है , जिसे हम फैट कहते है ।
जब हमारे शरीर को उर्जा की जरुरत होती है , तब हम कुछ भी नही खा पाते तब हमारा शरीर इसी जमे फैट का उपयोग करता है ।
इन्सुलिन के आभाव में शुगर कोशिकाओ में जमा ना होकर खून में घुमती रहती है , इससे खून में मौजूद लाल रक्त कोशिकाओ और सफ़ेद रक्त कोशिकाओ को अपना काम ठीक से नही करने देते , जिससे हम जल्दी बीमार पड़ने लगते है । एक बार अगर शुगर हो जाती है , तो आप केवल इसे नियंत्रित कर सकते है । ठीक नही कर सकते ,इससे छुटकारा नही पा सकते इसलिए सतर्क रहे सजग रहे ।
टाइप 2 :-इसमें जरुरत पड़ने पर इन्सुलिन दी जाती है,जो इन्सुलिन को बढ़ने के लिए पैक्रियाज को प्रोसाहित करे
सही जीवन शैली को आपनाने के लिए जोर दिया जाता है । शारीरिक गतिविधियाँ, व्ययाम , खेलकूद, और ध्यान आदि करने के लिए कहा जाता है।




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